अध्याय 196 - वापसी

मार्गो का नज़रिया

जेल वापस जाने का सफर सुबह यहाँ से निकलते समय वाले सफर से कहीं लंबा लग रहा था…

दूरी की वजह से नहीं।

बल्कि उस दर्द की वजह से, जिसमें मैं इस वक्त थी।

सड़क का हर गड्ढा महसूस हो रहा था, मेरे पिंजरों को चीरता हुआ, रीढ़ की हड्डी के सहारे ऊपर चढ़ता हुआ, और सीधे खोपड़ी में ऐसे घ...

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